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भारतीय रेल ने के लातूर में मराठवाड़ा रेल कोच फैक्‍टरी द्वारा प्रथम कोच शेल के निर्माण की घोषणा की 

भारतीय रेल ने सुशासन दिवस पर गर्वपूर्वक महाराष्‍ट्र के लातूर में मराठवाड़ा रेल कोच फैक्‍टरी द्वारा प्रथम कोच शेल के निर्माण की घोषणा की 

इस अत्‍याधुनिक रेल फैक्‍टरी की स्‍थापना और कमीशन रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) द्वारा भारतीय रेल के लिए स्‍वचालित रेलगाडि़यों के विनिर्माण के लिए दो वर्षों में किया गया था 

भारतीय रेल निरंतर मेक इन इंडिया मिशन में योगदान दे रही है

कोविड-19 संबंधित लॉकडाउन एवं चुनौतियों के बावजूद, भारतीय रेल की पीएसयू, रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने प्रथम कोच शेल के निर्माण के साथ 25 दिसम्‍बर, 2020 को सुशासन दिवस पर महाराष्‍ट्र के लातूर में मराठवाड़ा रेल कोच फैक्‍टरी को कमीशन किया। इस फैक्‍टरी को केवल लगभग दो वर्ष पहले ही कमीशन किया गया है।

मराठवाड़ा रेल कोच फैक्‍टरी एक आधुनिक औद्योगिक परितंत्र की शुरुआत के द्वारा महाराष्‍ट्र के इस आकांक्षी क्षेत्र के समग्र विकास में उल्‍लेखनीय रूप से योगदान देगी। इस फैक्‍टरी की रूपरेखा सालाना 250 एमईएमयू/ईएमयू/एलएचबी/ट्रेनसेट टाइप एडवांस्ड कोच के विनिर्माण की आरंभिक क्षमता के साथ बनाई गई है। तथापि, इसकी क्षमता उल्‍लेखनीय रूप से बढ़ाई जा सकती है क्‍योंकि लेआउट प्‍लान में पर्याप्‍त रिक्‍त स्‍थान चिन्हित किया गया है। इस परियोजना की लागत 120 करोड़ रुपये की भूमि लागत के अतिरिक्‍त लगभग 500 करोड़ रुपये है।

इस फैक्‍टरी की स्‍थापना 350 एकड़ भूमि में की गई है जिसमें 52,000 वर्ग मीटर प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग शेड्स, तीन लाइन यार्ड, 33 केवी आपूर्ति के साथ बिजली सबस्‍टेशन, कैंटीन, सुरक्षा एवं प्रशासनिक खंडऔर 24 एकड़ में एक आवासीय कॉलोनी शामिल हैं। फैक्‍टरी से इलेक्‍ट्रॉनिक रूप से एक नए इंटरलॉक्‍ड हारांगुल रेलवे स्‍टेशन, जिसका पहले केवल एक हॉल्‍ट स्‍टेशन के रूप में ही उपयोग किया जाता था, तक कोचों की आवाजाही के लिए 5 किलोमीटर लंबी रेल कनेक्टिविटी भी उपलब्‍ध कराई गई है। इस फैक्‍टरी को नवीनतम अत्‍याधुनिक मशीनरी एवं संयंत्र, मैटेरियल हैंडलिंग प्रणालियों तथा विभिन्‍न यूटीलिटीज के साथ सुसज्जित किया गया है।

टिकाऊ विकास के लिए परियोजना में विभिन्‍न हरित पहलों का अनुपालन किया गया है जिनमें 800 किलोवॉट शेड रूफ माउंटेड सोलर पावर प्‍लांट, सीवेज एवं अपशिष्‍ट जल उपचार एवं रि-साइक्लिंग संयंत्र, वर्षा जल संग्रहण, 10,000 वृक्षों का रोपण, एलईडी लाइटिंग, प्राकृतिक दिन लाइटिंग तथा शेड्स में वेंटिलेशन शामिल हैं। प्रशासनिक खंड का निर्माण हरित भवन अवधारणाओं के साथ किया गया है।

जैसे ही 28.08.2018 को परियोजना स्‍वीकृत की गई, रेल मंत्रालय की एक मिनी रत्न पीएसयू रेल विकास निगम लिमिटेड ने इसके फास्‍ट ट्रैक टर्नकी निष्‍पादन के लिए 30.08.2018 को एक संयुक्‍त अनुबंध प्रदान कर दिया एवं स्‍थल पर कार्य 12.10.2018 को आरंभ हो गया।

ऐसी उम्‍मीद की जाती है कि फैक्‍टरी निकट भविष्‍य में अधिक कोच शेलों का एवं अंततःपूरी तरह से सुसज्जित रेल इकाइयों का निर्माण करेगी। -PIB

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